by Rahul Chimanbhai Mehta Rrg at December 05, 2014 at 06:57PM

रिकौलिस्ट कृपया ध्यान दें महत्वपूर्ण प्रश्न (भाग)– 2 . यह प्रश्न राइट टू रिकॉल (आरटीआर) की अवधारणा या किसी कानून- ड्राफ्ट के विषय में नही है. बल्कि यह प्रश्न “अपने सांसद को एसएमएस द्वारा यूआरएल के साथ आदेश भेजने” के बारे में है. . रिकौलिस्टो से मेरे द्वारा पूछे गये महत्वपूर्ण प्रश्न –1 के लिए देखें लिंक- fb .com/groups/righttorecallparty/permalink/10152909499408103/ . मैं एक बार पुनः प्रश्न को दोहराता हूँ. . सभी कार्यकर्ता ऊंचे कद के बड़े नेताओं और दुराग्रह से ग्रस्त सांसदों की शक्तियों के बारे में तरह तरह के अनुमान लगाते हैं. जैसे- . 1. आआपाईयों का कहना है कि जनता के प्रति दुराग्रह से ग्रस्त सांसद इतने शक्तिशाली हैं कि अस्सी करोड़ मतदाताओं की राय का भी उनके सामने कोई महत्व नही. और एक बार यदि उनके (आआपाईयों के) बड़े नेता एके के पास लोकसभा में 300 सांसद और राज्यसभा में 130 सांसद आ जाएँ तो एके सभी अच्छे कानून- ड्राफ्ट अवश्य बनायेंगे और लागू करेंगे. . 2. बिलकुल यही बात नमो- वादी नमो के लिए कहते हैं. . 3. और सोनिया गाँधी के अंधभक्त भी यही बात प्रियंका गाँधी एवं राहुल गाँधी के लिए कहते हैं. . अतः सोमोके समर्थकों के अनुसार अच्छे कानून ड्राफ्टो को लाने का रास्ता बिलकुल सीधा है----- सोमोके को वोट दें. लेकिन जरा सोचिये, यदि जीतने के बाद सोमोके ने अपना बयान बदल दिया तो? वे तो यही कहेंगे कि ऐसा बिलकुल नही होगा. और सोमोके- वादियों के अनुसार 800 सांसदों के सामने 80 करोड़ मतदाताओं की राय नगण्य है. अतः यदि आप चाहते हैं कि अच्छे कानून- ड्राफ्ट बनाये जाएँ तो “सोमोके को वोट दें”!! . हम राइट टू रिकॉल ग्रुप के कार्यकर्ता इस प्राक्कल्पना के साथ कार्य करते हैं कि एक बार यदि 44 करोड़ या उससे अधिक मतदाता अपने सांसदों को एसएमएस द्वारा एक ही निश्चित यूआरएल या यूआरएन के साथ आदेश भेजें तो अहिंसामूर्ति महात्मा ऊधम सिंह= AMUS सक्रिय होंगे और उस विशेष यूआरएल या यूआरएन में जिस कानून- ड्राफ्ट की मांग की गयी है, वह प्रकाशित हो जायेगा. इस प्रकार हमारा पूरा विश्वास AMUS की शक्तियों पर है. हमारे राइट टू रिकॉल ग्रुप के अनुसार इसके लिए किसी बड़े नेता को वोट देकर विजयी बनाकर सत्ता में भेजना आवश्यक नही है. . लेकिन हमारा मानना है कि AMUS को सक्रिय होने के लिए तैयार करने के जरूरी है कि करोड़ों मतदाता एक ही निश्चित यूआरएल या यूआरएन को एसएमएस द्वारा अपने सांसदों को भेजें. . बस, यहीं एक गंभीर समस्या खड़ी होती है. मैं चाहता हूँ कि आप सब इस समस्या का समाधान सोचें. . 1. मान लीजिये, एक लाख कार्यकर्ता किसी खास कानून- ड्राफ्ट के बारे में अस्सी करोड़ मतदाताओं तक जानकारी पहुंचाते हैं. . 2. मान लीजिये वह कानून- ड्राफ्ट है- राइट टू रिकॉल पुलिस कमिश्नर ड्राफ्ट. . 3. मान लीजिये कार्यकर्ता उनमे से 60 करोड़ से अधिक लोगों को यह समझाने में सफल होते हैं कि वे सम्बंधित कानून (राइट टू रिकॉल पुलिस कमिश्नर के ड्राफ्ट) के यूआरएल के साथ अपने अपने सांसद को एसएमएस द्वारा आदेश भेजें. . 4. मान लीजिये लगभग 10000 कार्यकर्ताओं ने उक्त ड्राफ्ट को अपने फेसबुक स्टेटस के रूप में या bittorrent फ़ाइल के रूप में पोस्ट किया है. . 5. अब मान लीजिये 60 करोड़ मतदाता उन 10000 पोस्टों या bittorrent फाइलों के यूआरएल/ यूआरएन के साथ एसएमएस भेजते हैं. और प्रत्येक मतदाता ने केवल एक यूआरएल भेजा. अतः औसतन इनमे से प्रत्येक यूआरएल लगभग 60 करोड़ / 10000 = 60,00,00,000 / 10000 = 60,000 मतदाताओं द्वारा भेजा गया. . 6. मान लीजिये इनमे से सर्वोच्च स्थान पर आने वाला यूआरएल एक करोड़ लोगों ने एसएमएस द्वारा भेजा, और टॉप टेन यूआरएलों के साथ भेजे गये एसएमएस की संख्या एक करोड़ से दस लाख के बीच रही. . 7. अब समस्या यह है कि--- इनमे से कोई भी यूआरएल 44 करोड़ की सीमा पार नही कर पाया, जबकि एसएमएस भेजने वालों की संख्या 60 करोड़ थी. . आपके अनुसार इसका क्या समाधान हो सकता है? . कार्यकर्ताओं/ मतदाताओं को ऐसे कौन से तरीके अपनाने चाहिए जिसके द्वारा बिना किसी केंद्रीकृत निर्णय प्रणाली के एक यूआरएल 42 करोड़ की सीमा पार कर सके? . कृपया ध्यान दे कि अधिकांश कार्यकर्ता इसके लिए अलग से किसी नए कानून- ड्राफ्ट के लिए सहमत नही होंगे. साथ ही अधिकतर कार्यकर्ता मात्र 50-100 दूसरे कार्यकर्ताओं को जानते हैं, और इसलिए फेसबुक पर किसी एक कानून- ड्राफ्ट के लिए कितने यूआरएल उपलब्ध हैं यह जानना उनके लिए कठिन है. . वस्तुतः इस समस्या का समाधान अलग से कोई कानून- ड्राफ्ट नही है. कानून- ड्राफ्ट भी कार्यकर्ताओं द्वारा अभियान चलाने पर ही आते हैं. अतः यदि अभियान के तरीके में ही गड़बड़ी है तो इसका समाधान वैकल्पिक अभियान के तरीके ढूंढकर ही किया जा सकता है. इसके आगे के स्तरों पर समस्या आने पर ही समाधान के लिए किसी कानून- ड्राफ्ट का प्रयोग किया जा सकता है. लेकिन हमारा प्रथम कार्यकर्ता अभियान हमारे द्वारा दिए गये कानून- ड्राफ्टो को पारित करने पर केन्द्रित है, अतः इसके लिए हम किसी कानून- ड्राफ्ट पर निर्भर नही हो सकते. इसके लिए कार्यकर्ताओं द्वारा अभियान चलाना ही एकमात्र रास्ता है.

by Rahul Chimanbhai Mehta Rrg



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via Bhavik Barai

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