by Pawan Kumar at December 17, 2014 at 09:39PM

पेशावर काण्ड पर तमाम तरह की संवेदनाएं, स्यापे, लानत, उपदेश, बद्दुआएं, कवित्त और दर्शन बघारने से इतर पाकिस्तानी अवाम को यह कह कर भी कोसा जा रहा है, कि उन्होंने जिस सांप को दूध पिलाया, आज वही उसे डस रहा है । . वहां की अवाम ने पाला या वहाँ के नताओं ने, या अमेरिका,रूस या सऊदी अरब ने, इस बहस में माथा मार कर अपना टाइम वेस्ट करने की जगह हमें यह सोचना चाहिए, कि भारत क्या उपाय करे कि ये जलाल हम पर नाजिल न हो । . जहाँ तक अवाम का प्रश्न है, वो चाहे भारत की हो या पाकिस्तान की, हमेशा से ही निरपराध होती है, लेकिन भुगतना उसे ही पड़ता है । कहा तो भारत के लिए भी जा सकता है कि, भारत जिन नक्सलियों को पाल रहा है, वो एक दिन भारत को बहुत बड़ा नुकसान पहुँचायेगे । सचाई यही है कि न वहाँ की अवाम आतंकवादी पालती है, न भारत की अवाम नक्सलवादियों को पालती है । बकौल निदा फाज़ली : इंसान में हैवान यहाँ भी है वहाँ भी, अल्लाह निगहबान यहाँ भी है वहां भी, खूंखार दरिंदो के महज़ नाम अलग है, हर शहर बियाबान यहाँ भी है वहां भी, रहमान की कुदरत हो या भगवान् की मूरत, हर जंग का मैदान यहाँ भी है वहां भी । . . बहरहाल, हमें यह देखना है कि भारत के पास ऐसे हमलो से निपटने के लिए कितने माकूल इंतजामात है । उनके पाले सांपो से हम खुद को क्यों डसने दे रहे है । अमेरिका ने 9/11 के बाद खुद को ऐसे हमलो से बचने के लिए तैयार कर लिया है, लेकिन हमारी हालत तो रास्ते में टंगे घंटे सरीखी ही बनी हुयी है, कि जो भी चाहता है, आकर बजा देता है । कारगिल के बाद विमान अपहरण, संसद पर हमला, गोधरा की रेल, अक्षरधाम , घाटकोपर और फिर भी अगर कसाबो को आना हो तो हमारी तरफ से रोकने के कोई उपाय नही । . IC-184 इसीलिए कंधार पहुचँ गयी, क्योंकि अमृतसर एअरपोर्ट पर ईंधन के लिए ठहरी फ्लाईट पर 1 घंटा बीत जाने पर भी हम कमांडो कार्यवाई नहीं कर सके। अतत: विमान बिना ईन्धन लिए ही उड़ान भर गया । लेंडिंग से पहले ही सरकार को जानकारी हो चुकी थी कि, विमान अपह्रत हो चुका है, किन्तु कार्यवाई नही की जा सकी। इस सम्बन्ध में मुख्य सचिव तथा PM के मुख्य सलाहकार बृजेश मिश्र ने बयान दिया कि, कमांडो कार्यवाई के आदेश दिए जा चुके थे, किन्तु प्रभावी समन्वय के अभाव में कार्यवाई नही हो सकी । फिरौती के बदले हमें मौलाना मसूद अज़हर को छोड़ना पड़ा, जिसने संसद पर हमला किया । . 10 साल बाद भी हम वो प्रभावी समन्वय नहीं जुटा पाए, इसका खुलासा तब हुआ जब दर्ज़न भर आतंकवादी मुंबई में AK-47 लेकर घुस आये । 7 बजे इस हमले की पुष्टि हो चुकी थी, लेकिन NSG कमांडो दस्ते को दिल्ली से मुंबई पहुँचने तक रात के 12 बज गए । 5 घंटे तक कसाब समेत सभी आतंकवादी शहर में बंदूके लहराते घूमते रहे । जांच में सामने आया कि आतंकवादी ज्यादा नागरिको को इसीलिए मार पाए क्योंकि कमांडो कार्यवाई देरी से की गयी थी, तथा स्थानीय पुलिस के पास पर्याप्त हथियार नहीं थे । जो हथियार थे, वे भी पुराने और जंग खाए हुए थे । . 'भारत में लगभग 1 करोड़ अवैध बांग्लादेशी घुसपेठिये होने का अनुमान है', यह खुलासा भारत के गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने 2003 में संसद में किया था । चूंकि तब से घुसपेठ को रोकने के लिए और घुसपेठियो को खदेड़ने के लिए वाजपेयी से लेकर मोदी तक किसी सरकार ने कोई क़ानून पास नही किया है, अत: कोई आश्चर्य नहीं कि, घुसपेठियो की संख्या अब तक 2 करोड़ तक पहुँच चुकी हो । . हमारा आंतरिक सुरक्षा नेटवर्क कितना कमजोर है, यह हमसे छुपा हुआ नही है । जाहिर है कि, यदि कल हमें इस तरह या इस से बड़े और सुनियोजित हमले के शिकार होते है तो हमारे पास इस से निपटने की कूव्वत नही है । . हमें इस बात को समझना होगा कि, पाकिस्तान इतना शक्तिशाली नहीं है, कि आतंकवाद को नष्ट कर सके। आतंकवाद का संचालन USA/सऊदी अरब/चीन आदि के प्रयोजन से किया जाता है। अन्तराष्ट्रीय परिदृश्य में पाकिस्तान जैसे कबाड़ी और दिवालिये देश से यह उम्मीद करना कि पाकिस्तान आतंकवाद को अपने बूते नियंत्रित करता है, खुद पाकिस्तान के साथ भी ज्यादती होगी । . आतंकवाद आज वैश्विक सच्चाई बन चुका है, और ज़्यादातर देश इस से जूझ रहे है, और हमें भी इसी परिस्थिति में अपने देश को आतंकवाद/युद्ध से बचाने के रास्ते निकालने है । . . समाधान : हमारी सेना और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत करना ही एक मात्र उपाय है । 1. हर नागरिक को हथियार चलाने का अनिवार्य प्रशिक्षण तथा बंदूक रखने की छूट देना । बड़े पैमाने पर स्वदेशी आधुनिक हथियारों का उत्पादन करना तथा 50 हजार मेगाटन का वायुमंडलीय परमाणु परिक्षण करना । क़ानून ड्राफ्ट यहाँ देखें : tinyurl. com/atamsuraksha . 2. बांग्लादेशी घुसपेठियो को खदेड़ने तथा आंतरिक सुरक्षा को माकूल करने के लिए, ज्यूरी सिस्टम, राईट टू रिकाल पुलिस प्रमुख, राईट टू रिकाल गृह और रक्षा मंत्री । कानूनी ड्राफ्ट यहाँ देखें : tinyurl. com/rtrpolice tinyurl. com/rtrmantri tinyurl. com/jurysys . 3. नक्सल समस्या को ख़त्म करने के लिए, खनिजो से प्राप्त रोयल्टी और सरकारी भूखंडो का किराया सीधे नागरिको के खाते में जमा करने के लिए DDMRCM क़ानून तथा पारदर्शी शिकायत प्रणाली । ड्राफ्ट यहाँ देखें : tinyurl. com/naagrikamdani tinyurl. com/TeenLineKanoon . यदि आप इन कानूनों का समर्थन करते है, तो अपने क्षेत्र के सांसद को SMS द्वारा यह आदेश भेजे कि, इन कानूनों को गेजेट में छापा जाए । . please see comment box for SMS text. _____________ प्रजा अधीन राजा @ pk

by Pawan Kumar



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via Bhavik Barai

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