by Rahul Chimanbhai Mehta Rrg at December 02, 2014 at 05:29PM
भारत के अन्दर ब्लैक रूपया बनाम भारत के बाहर ब्लैक डॉलर . ऐसे व्यक्ति पर विचार करें जो यह कहता हो “मैं मंगल ग्रह से आपके लिए पानी लाने के लिए अपनी जी जान लगा दूंगा.” लेकिन यदि आप समीप के कुयें से उसे पानी लाने को कहें तो वह मना कर दे. जो लोग कहते हैं कि वे ब्लैक डॉलर वापस भारत में लायेंगे, लेकिन भारत में मौजूद ब्लैक रूपये के बारे में कुछ नही कहते, वे इसी श्रेणी में आते हैं. . जो लोग भारत में मौजूद ब्लैक रूपये के बारे में कुछ करना नही चाहते और भारत के बाहर के ब्लैक डॉलर के बारे में बार बार बार बार बोलते हैं उनका मकसद बस मतदाताओं को बेवक़ूफ़ बनाना है. . बहुत सामान्य से कानून ड्राफ्ट लागू करके भारत के अन्दर के 90% से भी अधिक ब्लैक रूपये का कुछ ही दिनों में पता लगाया जा सकता है. लेकिन CoBhApSwaRa- कार्यकर्ता, सोमोके- अंधभक्त तथा स्वयं सोमोके भी ऐसा करना नही चाहते. अतः इसकी जगह वे भारत के बाहर के ब्लैक डॉलर के बारे में बोलते हैं. . भारत के अन्दर के ब्लैक रूपये को हम कैसे कम करें? . 1. भूमि की बिक्री के बाद भूमि की स्वतः नीलामी- देखें rahulmehta . com / 301.htm का अध्याय- 25. ऐसे कानून Latvia तथा अन्य अनेक स्थानों पर लागू हैं. इसका नियम है- “यदि A अपनी भूमि B को X रूपये में बेचता है, और इसके 30 दिनों की अवधि के अन्दर C उक्त भूमि के लिए 15% अधिक कीमत देने को तैयार होता है तो भूमि C को मिल जाएगी और B को उसके X रूपये के साथ- साथ 15% अधिक मिलेगा. इससे काला धन (ब्लैक रूपये) की समस्या कम होगी. . 2. वैट/ जीएसटी आदि करों को हटाकर उनके बदले संपत्ति कर लागू किया जाये . और इसे इस प्रकार लागू किया जाये- (बाजार मूल्य का 2% - प्रति परिवार 1000 वर्गफीट भूमि – 2000 वर्गफीट भवन – व्यक्ति द्वारा चुकाया गया आय कर – व्यक्ति द्वारा अपने कर्मचारियों को दिए गये कुल वेतन का 15% - प्रति वर्ष प्रति सदस्य 100 रूपये), जहाँ कि भारत का कोई भी मतदाता अधिकतम पांच ट्रस्टों अथवा कंपनियों का सदस्य बन सकता है. . 3. सभी प्रकार के ट्रस्टों पर संपत्ति कर लागू किया जाये, जिसमे मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद, चर्च आदि धार्मिक ट्रस्ट भी शामिल होंगे. इसमें प्रति वर्ष प्रति सदस्य को 100 रूपये की अतिरिक्त छूट प्राप्त होगी. तथा जहाँ कि भारत का कोई भी मतदाता अधिकतम पांच ट्रस्टों अथवा कंपनियों का सदस्य बन सकता है. . 4. मॉरिशस कंपनियों, सिंगापूर कंपनियों, सेज कंपनियों आदि को दी जाने वाली कर राहतें समाप्त की जाएँ. . उपर्युक्त कदम उठाये जाएँ तो ब्लैक रूपये की समस्या कम होकर न के बराबर हो जाएगी. . लेकिन CoBhApSwaRa- कार्यकर्ता, सोमोके- अंधभक्त तथा सोमोके उपर्युक्त कानून ड्राफ्ट को प्रकाशित करना नही चाहते, और इसकी जगह भारत के बाहर के ब्लैक डॉलर के बारे में बड़े- बड़े भाषण देते हैं. इसी बात को दूसरी तरह से कहें तो वे दरअसल वे हमारे लिए मंगल ग्रह से पानी लाने का वादा करते हैं, लेकिन समीप के कुयें से पानी लाने के प्रस्ताव का विरोध करते हैं !!! . अतः कृपया CoBhApSwaRa- कार्यकर्ता तथा सोमोके- अंधभक्तों के चक्कर में अपना समय व्यर्थ न करें. और कृपया उपर्युक्त कानून- ड्राफ्टो को प्रकाशित करने हेतु अधिकतम लोगों तक जानकारी फैलाएं. . ---- Rahul Chimanbhai Mehta , Right to Recall Group
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