by Santosh Arya at January 26, 2015 at 08:19PM

आज राजीव दीक्षित की एक और बात सच होती सी दिख रही है - कोई भी विकसित देश अपने देश की सड़ी-गली Technology को ही दूसरे देश को देता है । आज कल क्या सचमुच हमेँ परमाणु ऊर्जा की जरूरत है ?. बिजली के लिए परमाणु ऊर्जा प्लांट को स्थापित करने के लिए 8 -10 साल का समय लगता है। प्लांट के लिए बहुत सी जमीन चाहिए , इस जमीन को लेने के लिए हजारों लोगों को उजाड़ना पड़ता है। इतहास गवाह है कि परमाणु प्लांट में दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है , मसलन इस टेक्नोलॉजी में risk बहुत है। परमाणु टेक्नोलॉजी से बिजली सस्ती भी नही पड़ती है ,शायद 1996 के बाद विकसित मुल्कों में कहीं भी परमाणु प्लांट नही लगा है आज दुनिया में हर कहीं हर मुल्क में सोलर पैनल से बिजली बनाई जा रही है , इस का चलन हर मुल्क में बड़ी तेजी से बड़ रहा है। अब यह ऊर्जा जयादा महंगी भी नही रह गयी है। सोलर से बिजली remote area में बड़ी आसानी से दी जा सकती है।यहां कहीं भी बिजली grid nett work से देना संभव नही है या ग्रिड से बिजली देना viable नही है वहां सोलर बिजली दी जा सकती है। जंगलों में ,पहाड़ों में , interior एरिया में , रेगिस्तान में ,हर जगह बिना बिजली ग्रिड से सोलर से बिजली बड़ी आसानी से और बड़ी जल्दी से दी जा सकती है। सोलर ऊर्जा कहीं भी बेकार पड़ी जमीन पर ,सड़कों , नेहरों , नालों ,और रेलवे lines के किनारे पर सोलर पैनल लगा कर बिजली बनाई जा सकती है। इस सोलर ऊर्जा को अपनाने के लिए हमे किसी की जमीन को aquir करने की जरूरत नही है। सोलर पैनल से आज अपने मुल्क में भी बड़ी तेजी से इसका चलन बड़ रहा है। यह ऊर्जा हर लिहाज से safe है। इस सोलर ऊर्जा प्लांट को हर घर में और छोटी बड़ी हर फैक्ट्री में लगाया जा सकता है। सोलर ऊर्जा के मुकाबले परमाणु ऊर्जा जियादा खतरनाक और महंगी है। एक तरह से परमाणु ऊर्जा आज कल " out of date " हो चुकी है। मेरी calculation के अनुसार अगर हम 5 kw से बड़े solar प्लांट अपने घरों में लगाते है तो सिर्फ चार पांच साल में लागत वापिस हो जाती है। फैक्ट्री के लिए बड़े सोलर ऊर्जा प्लांटों में तो यकीनन चार सालों में लागत वापिस हो सकती है। जबकि सोलर पैनल की लाइफ 25 साल है। और इस तरह पांच साल के बाद प्लांट भी free हो जायेंगे और बाकी समया में बिजली मुफ्त मिलती रहेगी। इस प्लांट को लगाने के बाद दिन में जनरेटर की जरूरत बिलकुल खत्म हो जाएगी। इस सोलर ऊर्जा को हर होटल,हर हॉस्पिटल ,हर स्कूल ,हर छोटे बड़े सरकारी ऑफिस में ,हर रेलवे स्टेशन में बड़ी आसानी से और बड़ी जल्दी लगाया जा सकता है। इस सोलर ऊर्जा को larger scale पे अपनाने पर रोजगार के भी आपार मौके मौजूद है। इस सोलर ऊर्जा में कोई भी pollution का खतरा भी नही है बल्कि ग्लोबल warming के खतरे को भी हमेशा के लिए खत्म कर देगी। इस सोलर ऊर्जा को और भी effective , और भी सस्ता बनाने के लिए दुनिया भर में नए नए प्रयोग चल रहे है। इसी सोलर ऊर्जा से भविष्य में हर घर स्मार्ट हाउस में तब्दील हो जायेगा और व्हीकल भी सोलर ऊर्जा से चलने शुरू हो जायेंगे। इस लिए अब इस नए सोलर युग में परमाणु ऊर्जा की बिलकुल भी जरूरत नही रह गयी है। हैरानी की बात है कि अमेरिका दोस्ती के नाम पर इस सड़ी गली out of date हो चुकी टेक्नोलॉजी को हमारे मुल्क के ऊपर थोप रहा है और NAMO जी इस के बहाने नेशनल हीरो बनने की कोशिश कर रहे है और इस समजौते के बदले दिली का चुनाव जीतना चाहते है। सारा मीडिया भी इस इवेंट का बड़ी चालाकी से गुणगान कर रहा है। Please share if you like .........

by Santosh Arya



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via Bhavik Barai

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