by संजय शर्मा at January 11, 2015 at 04:25PM

यदि कोई साधारण व्यक्ति कोई गलत निर्णय करता है , तो नुक्सान लगभग उसी का होता है यदि परिवार या कुटम्ब का मुखिया कोई गलत निर्णय करता है , तो नुक्सान उसी परिवार को होता है यदि कोई संस्था का प्रमुख गलत निर्णय करता है , तो नुक्सान उस संस्था का ही होता है इसी प्रकार यदि किसी राष्ट्र का मुखिया कोई गलत निर्णय करता है , तो सारे राष्ट्र को भुगतना पड़ता है इससे बचने का एक ही उपाय है , दूसरी गलती करने के लिए कम से कम मुखिया पहले वाला न हो यह प्रक्रिया कम से कम संस्थान और राष्ट्र के मुखिया के लिए तो हो ही सकती है उसी प्रक्रिया का नाम है राइट टू रिकाल

by संजय शर्मा



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via Bhavik Barai

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